ध्रुव चरित्र सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, श्री रामबाग इंटर कॉलेज में श्रीमद्भागवत सुनने स्रोताओं की उमड़ी भीड़
हाथरस। श्री रामबाग इंटर कॉलेज में हैहयवंशीय क्षत्रिय काँस्यकार समाज द्वारा हो रही भागवत के दूसरे दिन महंत श्री मदन मोहन दास जी महाराज ने ध्रुव चरित्र का वर्णन किया उसके महत्व को बताते हुए उन्होंने कहा – माँ के वचनों से प्रेरित होकर ध्रुव वन की ओर चल पड़े। मार्ग में उन्हें देवर्षि नारद मिले, जिन्होंने उन्हें वापस लौटने का आग्रह किया। लेकिन बालक ध्रुव के दृढ़ संकल्प को देखकर नारद जी ने उन्हें “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र की दीक्षा दी। ध्रुव ने मधुबन में जाकर कई महीनों तक भूखे-प्यासे रहकर ऐसी कठोर तपस्या की जिससे तीनों लोक कांप उठे。
ध्रुव की अनन्य भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु प्रकट हुए और उन्हें आशीर्वाद दिया , उन्होंने “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय “मंत्र की जाप का भी महत्व बताया ,

मंहत जी ने भगवान् नामदेव व सुखदेव का भी वृत्तान्त सुनाया । गुरुदेव जी ने इस कलयुग में भव सागर से पार लगाने के लिए “हरि” का नाम जपने को कहा । कथा के बीच में भारी वर्षा हुई लेकिन भक्तजन जरा भी विचलित नहीं हुए , भक्तजनों ने बड़े भाव विभोर होकर कथा श्रवण किया , कथा के दौरान बीच-बीच में मीठा शरबत व ठंडे जल की सेवा की ।

