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नवरात्रि पर ब्रह्माकुमारीज ने कराए “माँ के नौ दिव्य रूपों के पावन दर्शन”

सादाबाद। नवरात्रि के पावन अवसर पर ब्रहाकुमारीज द्वारा “माँ के नौ दिव्य रूपों का पावन दर्शन” विषय पर एक विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं को नवदुर्गा के नौ स्वरूपों की सजीव झांकी के दर्शन कराए गए और उनके आध्यात्मिक महत्व, उनके गुणों तथा जीवन में उनके व्यावहारिक उपयोग के बारे में विस्तार से बताया गया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि नवरात्रि केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि आत्म-परिवर्तन, आत्मशुद्धि और आंतरिक शक्ति जागरण का महत्वपूर्ण पर्व है। उन्होंने बताया कि माँ के नौ रूप मानव जीवन के विभिन्न गुणों शक्ति, ज्ञान, करुणा और साहस का प्रतीक हैं, जिन्हें अपनाकर जीवन को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है। प्रभारी बीके भावना दीदी ने राजयोग ध्यान के माध्यम से उपस्थित श्रद्धालुओं को आंतरिक शांति, शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कराया। ध्यान सत्र के दौरान वातावरण अत्यंत शांत एवं आध्यात्मिक हो गया, जिससे उपस्थित जनों को गहन आत्मिक अनुभूति प्राप्त हुई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया तथा विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना की।

भक्तों की आस्था का केंद्र है बिसावर का बृजेश्वरी देवी मां का मंदिर

सादाबाद। ग्राम पंचायत बिसावर के मजरा नगला मदारी में स्थित करीब 100 साल से अधिक पुराना प्राचीन बृजेश्वरी देवी का मंदिर भक्तों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। मान्यता है कि यहां जो भक्त सच्चे मन से अपनी मुराद लेकर आता है, उसकी मुराद जरूर पूरी होती है। गांव में यह मंदिर नहर किनारे बना हुआ है। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि इस मंदिर में विराजमान देवी प्रतिमा को नगरकोट से गांव के बन्नो भगत और रामगोपाल पैदल लेकर आए थे। इस मंदिर के प्रति आसपास के लोगों की विशेष आस्था है। हर बार नवरात्र में यहां दूर-दूर से भक्तों का आना-जाना लगा रहता है

  • मां आदिशक्ति बृजेश्वरी देवी का मंदिर काफी पुराना है। यहां आने वाले हर भक्त की मनोकामना पूर्ण होती है। कई ऐसे भक्त हैं, जो हर साल मातारानी की पोशाक व श्रृंगार का सामान अर्पण करने आते हैं।- रूपेश भगत, मंदिर पुजारी।
सादाबाद में पेट्रोल के लिए हंगामा, लंबी लाइनें, पुलिस की मौजूदगी में मिली पेट्रोल

सादाबाद। मिडिल ईस्ट में भारी तनाव के चलते जहां लोग पहले से ही एलपीजी की किल्लत से जूझ रहे हैं, वहीं अब पेट्रोल डीजल के रेट में हुई वृद्धि ने मंहगाई का बड़ा झटका दिया है। सादाबाद में नायरा एनर्जी के पंपों पर भी पेट्रोल पंाच रूपये महंगा हो गया। हालांकि अन्य कंपनियों के पेट्रोल पंपों पर अभी पुराने रेट ही लागू हैं। ऐसे में सादाबाद में गुरूवार को कुछ पेट्रोल पंपों पर वाहनों में पेट्रोल भरवाने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी तो कुछ पेट्रोल पंप वीरान पड़े रहे। चौधरी चरण सिंह प्रतिमा स्थल के सामने स्थित पारिजात पेट्रोल पंप पर गुरूवार की शाम को भारी संख्या में लोग पेट्रोल डलवाने उमड़ पड़े। पेट्रोल के लिए जब हंगामा होने लगा तो मौके पर पंप कर्मियों को पुलिस को सूचना देनी पड़ी, जिसके बाद मौके पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने लाइन लगवाकर पेट्रोल का वितरण कराया। मौके पर काफी लंबी लाइनें लग गईं। कई चौपहिया व दोपहिया वाहन चालक अपने वाहनों की टंकी फुल कराकर ले गए। वहीं दूसरी ओर लोग घरों में भी तेल को डंप करने में लगे रहे। हालांकि पेट्रोल पंपों पर डिब्बे या बोतल में तेल देने पर रोक लगा दी गई। वहीं, बस स्टेंड के निकट स्थित भारत पेट्रोल पंप वीरान पड़ा रहा। यहां ग्राहकों को पेट्रोल की आपूर्ति न होने का हवाला दिया गया। इसी तरह का हाल ग्रामीण क्षेत्र की पेट्रोल पंपों का रहा। कहीं भीड़ उमड़ी तो कहीं पेट्रोल पंप वीरान पड़े रहे।

दुर्गाष्टमी पर घर-घर जिमाए गए कन्या-लांगुरा, भक्तिमय माहौल में हुई पूजा-अर्चना

सादाबाद। चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर दुर्गाष्टमी के दिन सादाबाद क्षेत्र में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। गुरूवार को नगर और ग्रामीण इलाकों में घर-घर कन्या-लांगुरा पूजन का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनका पूजन किया और उन्हें भोजन कराकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
सुबह से ही घरों में पूजा-पाठ का दौर शुरू हो गया। महिलाओं ने घरों को सजाकर कन्याओं का तिलक कर उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्हें पूड़ी, चने, हलवा सहित विभिन्न पकवानों का प्रसाद परोसा गया। कन्याओं के साथ लांगुरा (छोटे बालक) को भी विशेष रूप से भोजन कराया गया। पूजा के बाद कन्याओं को उपहार, वस्त्र और दक्षिणा देकर विदा किया गया। मंदिरों में भी दुर्गाष्टमी के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और हवन-यज्ञ आयोजित किए गए। भक्तों की भीड़ दिनभर मंदिरों में उमड़ी रही। “जय माता दी” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं का मानना है कि दुर्गाष्टमी के दिन कन्या पूजन करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है। इस अवसर पर बच्चों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। पूरे क्षेत्र में दुर्गाष्टमी का पर्व हर्षाेल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया, जिससे माहौल पूरी तरह धार्मिक रंग में रंगा नजर आया।

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