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वृहद वैरागी वृत्ति के संस्कार थे दादी जानकी जी….वैश्विक आध्यात्मिक जागृति दिवस” के रूप में मनाया दादी जी का छटवां स्मृति दिवस

हाथरस। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के अलीगढ़ रोड स्थित आनन्दपुरी कालोनी केन्द्र द्वारा दादी जानकी जी का स्मृति दिवस “वैश्विक आध्यात्मिक जागृति दिवस” के रूप में मनाया गया।

प्रातःकाल से ही ब्रह्मावत्सों का आगमन सेवाकेन्द्र पर होना आरम्भ हो गया। योग के उपरान्त ईश्वरीय महावाक्यों का श्रवण कराया गया। तदुपरान्त केन्द्र प्रभारी बी०के० शान्ता बहिन ने दादी जानकी जी की विशेषताओं का वर्णन करते हुए कहा कि दादी जानकी जी के अन्दर वृहद वैरागी वृत्ति के संस्कार थे। शान्त, एकान्त, सच्चाई-सफाई इन्हीं गुणों के कारण वे “विश्व की सबसे स्थिर मन महिला के रूप में जानी जाती थीं। उनसे। इसके अलावा शतायु के लिए न कोई व्यायाम, न कोई प्रणायाम न कोई आसन या हठयोग। एक सौ चार वर्ष की आयु में शरीर छोड़ने से कुछ समय पूर्व तक विशाल सभाओं का सम्बोधन, यह है कठिन साधना का प्रत्तिफल।

ब्रह्माकुमार दिनेश भाई ने दादीजी के साथ अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि इतने विशाल संगठन की मुखिया होने के बाद भी वे निर्मानता की प्रतिमूर्ति थीं, भी न कोई तामझाम, न कोई दिखावा, न कोई सुरक्षाकर्मी, कोई भी मिल सकता था। तदुरान्त सभी ब्रह्मावत्सों द्वारा दादी जानकी जी को पुष्पांजली अर्पित की।

इस अवसर पर विद्यादेवी, बी०के० वन्दना बहिन, पूजा बहिन, कमलेश, संजीव शर्मा, अरविन्द गुप्ता, भीमसैन एवं केशवदेव, गजेन्द्र भाई, भीमसैन, रामेश्वर दयाल, राजीव, राजू, सन्ध्या अग्रवाल, ओम प्रकाश, मदन मोहन, अम्बिका, मनमोहन, मनोज कुमार, नानकचन्द, लक्ष्मी, इन्द्रपाल, जितेन्द्र पहलवान, राजेश शर्मा, शकुन्तला, मीरा, रजनेश, विमलेश, शीला, सुशीला, सरस्वती, आदि उपस्थित थे।

आशीष सेंगर

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