ई-लाटरी के से हुआ 01 कम्पोजिट व 03 देशी शराब की दुकानों का आवंटन
हाथरस । कलेक्ट्रेट सभागार में ऑनलाइन ई-लाटरी/रेण्डमाईजेशन के माध्यम से जनपद की देशी मदिरा तथा कम्पोजिट शॉप की दुकानों का आवंटन अपर जिलाधिकारी वि०/रा० डा० बसंत अग्रवाल की अध्यक्षता में किया गया।
ई-लाटरी / रेण्डमाईजेशन प्रक्रिया के दौरान अपर जिलाधिकारी वि०/रा० ने कहा कि पूरे प्रदेश के लिए एक समान ई-लॉटरी व्यवस्था लागू है जिससे पारदर्शिता पूर्वक दुकानों का आवंटन हो सकेगा। उन्होंने बताया कि लाटरी का वैज्ञानिक आधार प्रोबेबिलिटी पर आधारित है एक दुकान पर प्रत्येक आवेदक के चयन होने की सम्भावना बराबर होती है। कम्प्यूटर द्वारा रैंडम नम्बर जनरेट करने की प्रक्रिया के माध्यम से चयन होता है। इसमें कोई निर्णय किसी व्यक्ति का न होकर कम्प्यूटर द्वारा किया जाता है। इस कम्प्यूटर साफ्टवेयर तथा लाटरी प्रक्रिया को पूर्ण रूपेण निष्पक्ष एवं विश्वसनीय बनाने के लिये आईआईटी कानपुर आईईटी लखनऊ के प्रोफेसर समेत विशेषज्ञों द्वारा प्रमाणित की गयी है।
जिला आबकारी अधिकारी कृष्ण मोहन ने बताया कि जनपद में 01 कम्पोजिट दुकान, 03 देशी शराब की दुकानों का लाटरी के माध्यम से आवंटन किया जायेगा। कम्पोजिट दुकानों के लिए कुल 16 आवेदन प्राप्त हुये थे जिसमें सभी आवेदनों को स्वीकृत किया गया है। देशी शराब के लिए प्राप्त सभी 29 आवेदनों को स्वीकृत किया गया हैं।
कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के आवेदन कर्ताओं के समक्ष ऑनलाइन ई-लाटरी / रेण्डमाईजेशन प्रक्रिया अपर जिलाधिकारी वि०/रा० की देखरेख में सम्पन्न हुई। पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से सभी आवेदन कर्ताओं के आवेदनों को एल0ई0डी0 टीबी के माध्यम से प्रदर्शित किया गया तथा एक-एक आवेदनकर्ता के नाम को पढ कर सुनाया गया। ई-लॉटरी की समस्त प्रक्रिया वीडियोग्राफी एवं सी0सी० टीवी० कैमरों की निगरानी में की गई।

