एन.आई. एक्ट एवं कन्टेंशियस वादों की विशेष लोक अदालत में 33 वादों का निस्तारण
हाथरस। उच्च न्यायालय, इलाहाबाद एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार व जनपद न्यायाधीश विनय कुमार के आदेशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में जनपद न्यायालय हाथरस में लघु आपराधिक वादों के निस्तारण हेतु तीन दिवसीय विशेष लोक अदालत का आयोजन जनपद न्यायाधीश की अध्यक्षता में किया जा रहा है। आज तृतीय दिवस की विशेष लोक अदालत में अपर जनपद न्यायाधीश, नोडल अधिकारी, लोक अदालत महेन्द्र श्रीवास्तव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव, अनु चौधरी, समस्त न्यायिक अधिकारीगण, व अधिवक्तागण, वादकारिगण उपस्थित रहे, इस विशेष लोक अदालत में कुल 33 वादों का निस्तारण किया गया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, हाथरस जयहिन्द कुमार सिंह के न्यायालय से 31 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण किया गया।
न्यायिक मजिस्ट्रेट, सादाबाद आंचल चन्देल के न्यायालय से 02 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण किया गया।
इसके अतिरिक्त जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हाथरस की सचिव, अनु चौधरी ने जानकारी देते बताया कि जनपद हाथरस में कल दिनांक 14 मार्च, 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें शमनीय वाद, दीवानी, राजस्व वाद, मोटर वाहन दुर्घटना वाद, पारिवारिक वाद, बैंक वसूली, धारा 138 एन.आई. एक्ट, विद्युत चोरी वाद, नगर निगम वाद, वाटर टैक्स वाद, जलकर वाद से सम्बन्धित विवादों, स्थायी लोक अदालत के मामले, जिला उपभोक्ता के मामलें का निस्तारण आपसी सुलह समझौते के आधार पर किया जाना है। उन्होंने जनता से अपील है कि वे इस अवसर पर अपने वाद का निस्तारण कराकर राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाए। उन्होंने यह भी बताया कि लोक अदालत में निस्तारित मामलों की अपील नहीं होती है तथा समय एवं धन की बचत होती है और दोंनो पक्षों की विजय होती है। लोक अदालत में आपसी सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित सिविल वादों मंे कोर्ट फीस वापस कर दी जाती है।

