हाथरस जिले की वर्षगांठ पर बिसावर में मनाया गया काला दिवस
सादाबाद। वीर गोकुला की प्रतापी धरा बिसावर की स्वाभिमानी जनता ने 29 वर्ष पूर्व तत्कालीन बसपा सरकार द्वारा लिए गए जनविरोधी फैसले के विरोध में रविवार को हाथरस जिले की 29 वीं वर्षगांठ के मौके पर अपनी बांहों पर काली पट्टी बांधकर काला दिवस मनाया।
काला दिवस का नेतृत्व करते हुए मनोज पंसारी ने कहा कि 3 मई 1997 को हमारी भावनाओं को कुचलते हुए सादाबाद तहसील के साथ ही बिसावर क्षेत्र को कान्हा की नगरी मथुरा से अलग कर नवसृजित हाथरस जनपद में शामिल कर दिया गया था। यह केवल एक भौगोलिक परिवर्तन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और सुगमता पर किया गया एक बड़ा प्रहार था। उन्होंने कहा कि बिसावर कोई साधारण जमीन का टुकड़ा नहीं है, यह उस महान योद्धा वीर गोकुला जाट की जन्मभूमि है, जिसने मुगलों की सत्ता हिला दी थी। जिस मिट्टी के सपूत ने मथुरा के मंदिरों की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया, उसी पावन धरा को मथुरा से काटकर अलग रखना वीर गोकुला की विरासत का घोर अपमान है, जिसके विरोध में बिसावर की अवाम आज तक मुखर है। 29 वर्ष पूर्व हमारी भावनाओं को दरकिनार कर बिसावर को मथुरा से अलग कर दिया गया था। इससे यहाँ के लोगों को हर कदम पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मुख्यमंत्री से मांग की गई कि सादाबाद तहसील नहीं, तो कम से कम बिसावर न्याय पंचायत को पुनः मथुरा जनपद में शामिल किया जाए। मथुरा से अलग किए जाने के बाद से बिसावर के नागरिकों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हाथरस कलेक्ट्रेट जाने के लिए जनता को 3 से 4 वाहन बदलने पड़ते हैं, जबकि मथुरा के लिए एक सीधी बस सेवा उपलब्ध है। मथुरा में सभी प्रशासनिक कार्य एक ही परिसर (कलेक्ट्रेट) में संपन्न हो जाते हैं, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है। इसके विपरीत, हाथरस में विभिन्न दफ्तरों के लिए लोगों को दूर-दूर भागना पड़ता है। सादाबाद ब्लॉक से नेरा, बरौली, पटलौनी आदि क्षेत्रों के गांवों के अलग होने से बिसावर बाजार की रौनक और व्यापार पर प्रतिकूल असर पड़ा है। सामाजिक व सांस्कृतिक जुड़ावरू मथुरा भगवान श्री कृष्ण की नगरी है, जहाँ क्षेत्रवासियों का रोम-रोम जुड़ा हुआ है। यहाँ का सामाजिक ताना-बाना और रिश्तेदारियां भी स्वाभाविक रूप से मथुरा से ही जुड़ी हैं। इस अवसर पर भोजराज शर्मा, भगवान सिंह (स्टोव वाले),सुन्दर सिंह, वरुण चौधरी,लाला चौधरी, बलदेव ठाकुर, राजा बाबू, हेमेंद्र चौधरी, रिंकू चौधरी, अनिल अग्रवाल, विशम्बर कुशवाह, तरुण राजपूत, सचिन कुशवाहआदि लोग उपस्थित रहे।

