राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों का हो निस्तारण:जनपद न्यायाधीश
हाथरस। उच्च न्यायालय, इलाहाबाद एवं उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के आदेशानुसार जनपद न्यायाधीश विनय कुमार-तृतीय की अध्यक्षता में प्रस्तावित 9 मई को राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों के निस्तारण के सम्बन्ध में प्रशासनिक अधिकारीगण के साथ वीडियो काॅन्फ्रेन्स कक्ष में सम्पन्न हुई। जनपद न्यायाधीश द्वारा समस्त प्रशासनिक अधिकारीगण से राष्ट्रीय लोक अदालत हेतु चिन्हित किये वादों एवं उनमें जारी सम्मन, नोटिस तथा अब तक जारी किये गये नोटिसों की तामीला की अद्यतन स्थिति के सम्बन्ध में जानकारी ली गयी तथा सभी प्रशासनिक अधिकारीगण को राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों के निस्तारण के सम्बन्ध में दिशा-निर्देश दिये गये। इसके अतिरिक्त उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे वाद जो काफी पुराने हैं, उन्हें सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किये जाने हेतु पक्षकारों को प्रेरित करें, जिनको सुलह-समझौते के आधार पर राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित किया जा सकता है को चिन्हांकित करते हुये उनके निस्तारण के सम्बन्ध में भरसक प्रयास किये जायें, जिससे इस राष्ट्रीय आयोजन को सफल बनाया जा सके।
इस अवसर पर जनपद न्यायालय, हाथरस में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय, बाबूराम, जिलाधिकारी, अतुल वत्स, पुलिस अधीक्षक, चिरन्जीव नाथ सिन्हा, विशेष न्यायालय(पोक्सो अधिनियम), निर्भय नारायण राय, अपर जनपद न्यायाधीश, विजय कुमार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सूरज मिश्रा, न्यायिक मजिस्ट्रेट, खुश्बू चन्द्रा, जेलर, देव दर्शन सिंह, आदि उपस्थित रहे।