साहित्यकार डॉ. लक्ष्मीनारायण गर्ग को पांचवीं पुण्यतिथि पर स्मरण कर अर्पित की श्रद्धांजलि ,गर्ग ने संगीत और साहित्य के क्षेत्र में दिया अमूल्य योगदान
हाथरस। ब्रज कला केंद्र के बैनर तले आगरा रोड स्थित श्री राधाकृष्ण कृपा भवन कार्यालय में पद्मश्री काका हाथरसी के सुपुत्र, प्रख्यात संगीतज्ञ, फिल्म निर्देशक-निर्माता एवं साहित्यकार डॉ. लक्ष्मीनारायण गर्ग की पांचवीं पुण्यतिथि श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यकारों, कलाकारों एवं गणमान्य जनों ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इससे पूर्व ‘अपना घर आश्रम’ में संगीत कार्यालय के प्रबंधक शरण गोपाल के साथ लक्ष्मण सिंह, मनीष कुमार आदि ने अशोक गर्ग की प्रेरणा से प्रभुजनों को प्रसादी भोज ग्रहण कराया।
स्मृति सभा का संचालन करते हुए ब्रज कला केंद्र के अध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने कहा कि डॉ. गर्ग ने संगीत और साहित्य के क्षेत्र में अनेक उत्कृष्ट ग्रंथों की रचना कर अमूल्य योगदान दिया। अविनाश पचौरी ने कहा कि संगीत कार्यालय के विकास में गर्ग साहब का विशेष समर्पण रहा। पंडित संतोष मुखिया ने उन्हें हाथरस की शान बताया।
हरीशंकर वर्मा ने कहा कि ‘जमुना किनारे’ फिल्म के माध्यम से उन्होंने ब्रज भाषा को सिनेमा जगत में नई पहचान दिलाई। रोशनलाल वर्मा ने उनके साहित्यिक योगदान को अमूल्य बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आशु कवि अनिल बोहरे ने कहा कि डॉ. लक्ष्मीनारायण गर्ग शांत स्वभाव के गहन अध्येता थे, जिन्होंने गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी सन्यासी जैसी साधना से संगीत की सेवा की।
कार्यक्रम के अंत में नगर के कवि दिनेश राज कटारा एवं गणपति गणेश को श्रद्धांजलि अर्पित कर सभा का समापन किया गया।
इस अवसर पर कवि वासुदेव उपाध्याय, बाबा देवी सिंह निडर, कपिल नरूला, संतोष उपाध्याय, पीयूष अग्निहोत्री, राजेन्द्र सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे

