राष्ट्र को मजबूत करने में युवा व्यापारियों की बड़ी भूमिका : प्रमोद चौहान, अलीगढ़ में संघ शताब्दी वर्ष पर प्रमुख युवा व्यापार गोष्ठी आयोजित
अलीगढ़ : संघ शताब्दी वर्ष पर आयोजित प्रमुख युवा व्यापारी गोष्ठी में राष्ट्र निर्माण में सहयोग की अपील की गई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बृज प्रांत के प्रांत संपर्क प्रमुख प्रमोद चौहान ने कहा कि युवा व्यापारी विभिन्न क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं, वह उम्दा कार्य कर रहे हैं। वह राष्ट्र को सर्वोपरि रखेंगे तो निश्चित हमारा देश सशक्त होगा। उन्होंने युवा व्यापारियों से आह्वान किया कि आप राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान जरूर दें।
खैर रोड स्थित मन कामेश्वर गेस्ट हाउस में आयोजित प्रमुख युवा व्यापारी गोष्ठी में महानगर के व्यापारी एकत्र हुए। शाम पांच बजे मुख्य वक्ता प्रमोद चौहान, विभाग सह संघचालक ललित कुमार, कार्यक्रम अध्यक्ष प्रांजल गर्ग, मुख्य अतिथि अतुल गुप्ता ने भारत माता के चित्र के सामने पुष्पार्चन करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्य वक्ता प्रमोद चौहान ने कहा कि आजादी के समय विभिन्न क्रांतिकारी देश को आजाद कराने में लगे हुए थे। उसी समय डाक्टर केशवराव बलिराम हेडगेवार ने 1925 में संघ की स्थापना की। डाक्टर हेडगेवार ने डाक्टरी की शिक्षा प्राप्त की मगर उन्हें लगा कि यदि आजादी मिलती है तो फिर हिंदू समाज की स्थिति क्या होगी? उसके सामने विभिन्न चुनौतियां होगी उससे हमें निपटना है? इससे पहले वह बालपन से ही राष्ट्र की भावना से प्रेरित रहें। इसलिए राष्ट्र के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। प्रमोद चौहान ने कहा कि ईरान के युद्ध को हमने देखा। ईरान का पुराना नाम पारस था। वहां पारसी थे। मगर, वह इस्लामिक राष्ट्र बन गया। दुनिया में तमाम देश ऐसे रहें, जो संघर्ष न करने के चलते इस्लामिक राष्ट्र बन गए। 1200 वर्ष तक भारत संघर्ष करता रहा। भारतीय समाज भी गौरवहीन होने लगा था। सामूहिकता का भाव समाप्त होने लगा था। वरना एक बार भारत की संपूर्ण शक्ति खड़ी हो जाती तो मुगल, अंग्रेज सभी के पांव उखड़ जाते। इसलिए डाक्टर हेडगेवार ने हिंदू समाज को संगठित करने का निर्णय लिया। हालांकि, स्थितियां विषम थीं। मगर, डाक्टर हेडगेवार आगे बढ़ते चले गए। इसलिए संघ सर्व सर्वव्यापी हो सका। समाज को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहा है। इसमें हमारे व्यापारी बंधुओं का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। प्रमोद चौहान ने कहा कि हम अपने गौरवशाली इतिहास को न भूलें। हमें याद रखना चाहिए कि कभी विश्व व्यापार में हमारी 34 फीसद भागीदारी थी। हम सबसे उच्चकोटी की वस्तुओं का निर्माण करते थे। इसलिए युवा व्यापारी अपनी सामूहिक शक्ति को पहचानें। कार्यक्रम अध्यक्ष प्रांजल गर्ग ने कहा कि संघ से उन्होंने राष्ट्र भक्ति सीखी है। हमारा राष्ट्र सुरक्षित रहेगा तो हम अच्छे से कारोबार आदि कर सकेंगे। इसलिए हमारे लिए राष्ट्र प्रथम होना चाहिए। संचालन धर्मेंद्र रौनक ने किया। संयोजक शैलेंद्र तिवारी ने व्यवस्थाएं देखीं। विभाग प्रचार प्रमुख भूपेंद्र शर्मा, महानगर सह संघचालक देवेंद्र कुमार हनुमान, महानगर कार्यवाह रतन कुमार, मोहित वार्ष्णेय, प्रमोद सिंघल, कपिल सिंघल, पराग मित्तल, जितेंद्र मित्तल, संजय भीलवाड़ा, दीप सिंह, प्रदीप सिंघल, संजय अग्रवाल, सौरभ, घनश्याम भंडारी, हिमांशु आदि थे।

