मुख्य विकास अधिकारी ने हाथरस विकास खंड के भोपतपुर की गौ संरक्षण स्थल का निरीक्षण ,दिये आवश्यक निर्देश
हाथरस। मुख्य विकास अधिकारी पी०एन० दीक्षित ने हाथरस विकास खंड के भोपतपुर की गौ संरक्षण स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय विजय कुमार यादव मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, डी०पी० सिंह, खण्ड विकास अधिकारी, हाथरस, भागीरथ पशुधन प्रसार अधिकारी एवं ग्राम प्रधान योगेन्द्र सिंह उपस्थित थे। ग्राम पंचायत सचिव विवेक कुमार अपनी पत्नी के इलाज हेतु अवकाश पर बताये गये।
गौ आश्रय स्थल को 30000 ईंट दान में प्राप्त हुई जिससे नवीन भूसा घर बनाया गया है. जिसकी लम्बाई 125 मी एवं चौड़ाई 6.50 मी० है। अभी लगभग 10000 ईंट शेष हैं। निरीक्षण के समय गौ आश्रय स्थल में कुल 262 गौवंश मिले, जिसमें 29 नर एवं 233 मादा है। दो गौवंश को dehydration हो गया है, जिनका डाक्टर द्वारा समुचित इलाज किया जा रहा है। माह मार्च, 2026 में 06 एवं अप्रैल से अब तक 02 गौवंश मृतक हुये हैं। गौ आश्रय स्थल में काफी जगह है, नर एवं मादा गौवंश को अलग-अलग रखे जाने की व्यवस्था किये जाने के निर्देश दिये गये।
गौ आश्रय स्थल में 05 केयर टेकर दिन में तथा 02 केअर टेकर रात्रि में कुल 07 केअर टेकर तैनात हैं। गौ आश्रय स्त्थल में 03 शेड एवं 03 चरही हैं, दो पानी की होंदी/चरही है। बिजली का कनैक्शन है एवं पानी के लिए समर लगी हुई है। 03 सी०सी०टी०वी० कैमरा लगे है। सोलर पेनल आधारित सी०सी०टी०वी० कैमरा लगवाये जाने के निर्देश दिये गये जिससे बिजली जाने पर गौशाला के कैमरा चालू रह सकें और मॉनीटरिंग हो सके। 05 सोलर लाइट लगी हुई है। गौ आश्रय स्थल में तार से बाउन्ड्री की गई है, बाउन्ड्री के किनारे एक गहरा पक्का कुँआ है, जिसको लोहे के जाल से ढकवाया जाए। ग्राम प्रधान द्वारा अवगत कराया गया कि आश्रय स्थल से लगी हुई लगभग 16-18 बीघा ऊसर भूमि है, जिसमें गौवंश हेतु ज्वार (हरा चारा) की बुबाई कराई गई है। गौ आश्रय स्थल में एक शेड के निर्माण कराये जाने की आवश्यकता है। खण्ड विकास अधिकारी को ग्राम पंचायतों में रिबोरिंग में निकले अनुपयुक्त लोहे के पाइप से इस गौ आश्रय स्थल में शीघ्र एक नवीन वृहद (समामई रूहल की तरह) शेड के निर्माण के निर्देश दिये गये।
ग्राम प्रधान द्वारा अनुरोध किया गया कि गौ आश्रय स्थल में पूलिंग की धनराशि उपलब्ध कराने वाली 12 ग्राम पंचायतें हैं जो दूरस्थ की हैं, समीप की ग्राम पंचायतें नामित की जाए जिससे गौ आश्रय स्थल को समय से धनराशि प्राप्त हो सके। गौ आश्रय स्थल के समीप की ग्राम पंचायतें नामित कराये जाने हेतु तत्काल प्रस्ताव जिला पंचायत राज अधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश खण्ड विकास अधिकारी, हाथरस को दिये गये।
गौशाला में 239 कुन्तल भूसा उपलब्ध मिला। निरीक्षण के समय स्टाक में 41 बोरा चोकर एवं खल उपलब्ध मिले। ग्राम प्रधान द्वारा अवगत कराया गया कि गौशाला से निकलने वाले गोबर की खाद का प्रयोग गौ आश्रय स्थल के बराबर भूमि में हराचारा उगाये जाने में किया जा रहा है। गौशाला की नियमित साफ-सफाई के निर्देश दिये गये
गौशाला में एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन केन्द्र निर्मित है जो अक्रियाशील मिला। खण्ड विकास अधिकारी एव सम्बन्धित ग्राम प्रधान को गौशाला से निकलने वाले गोबर का उचित प्रबन्धन करते हुये नाडेप/वर्मी कम्पोस्ट पिट में जैविक खाद बनाये जाने के निर्देश दिये गये।

