सुसंस्कृत समाज को दिशा देने वाली महिला वंदनीय
हाथरस। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के तपस्याधाम, हाथरस में “वंदे मातरम् – स्वर्णिम भारत” विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं प्रभु स्मृति के साथ हुआ।
मुख्य अतिथि श्वेता चौधरी (नगर पालिका अध्यक्ष) ने अपने संबोधन में कहा कि नारी शक्ति समाज की आधारशिला है और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ही राष्ट्र प्रगति कर सकता है। उन्होंने सभी को महिला दिवस की शुभकामनाएँ दीं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राजयोगिनी बी.के. सीता दीदी (जिला प्रभारी, हाथरस) ने की। उन्होंने कहा कि राजयोग एवं श्रेष्ठ संस्कारों के माध्यम से महिलाएँ अपने जीवन में आत्मविश्वास और संतुलन विकसित कर सकती हैं।
वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका एवं सह जिला प्रभारी, हाथरस बी.के. भावना दीदी ने आध्यात्मिक मूल्यों को जीवन में अपनाने पर बल दिया।
इस अवसर पर शालिनी पाठक, राधा अग्रवाल एवं अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कुमारी खुशी एवं कुमारी प्रीति अग्रवाल ने कविता पाठ प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का प्रबंधन बी.के. बबीता, बी.के. रश्मि, अनीता, पूजा एवं बी.के. राधा बहनों द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से आशा सारस्वत, निशा आंधीवाल, मंजू शर्मा, सत्यवती गौतम, संगीता गर्ग, रूपा गुप्ता, ज्योति वर्मा, कजरी राजोरिया, रश्मि वार्ष्णेय, पूनम बासठेय, प्रीति अग्रवाल, रीना अग्रवाल, राधा खंडेलवाल, माला माहौर, सुनीता देवी, मंजू देवी, लक्ष्मी देवी, शशि, सर्वेश चौहान सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही।
कार्यक्रम का समापन शांति संदेश के साथ हुआ।


मुख्य वक्ता विभाग प्रचारक गोविंद ने कहा कि प्राचीन पर्वों की यही सुंदरता है कि इनके पीछे छुपे पौराणिक राज हमें आकर्षित करते हैं। होलिका दहन का पर्व संदेश देता है कि ईश्वर अपने अनन्य भक्तों की रक्षा के लिए सदा उपस्थित रहते हैं। उन्होंने ने कहा कि होली सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ ही सामाजिक ताने बाने को मजबूत बनाने का त्योहार है। होली का त्यौहार समाज के उन्नयन के लिए एकजुट होकर काम करने को प्रेरित करता है। इस दौरान उपस्थित लोगों ने भी होली गीतों पर सुंदर प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में उपस्थित सभी ने जमकर पुष्पों की होली खेली ।